मुक्त व्यक्त मुक्तक
जैसा सदा मैं.
न सह पाऊं प्रतिबन्ध कोई.
न छंद
न धर्म
न जाति,न पांत
न लिंग
न समय
नहीं मुझे प्रतिबंध कोई
मुक्तक जैसा मुक्त सदा मैं..
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